वीर्य, नपुंसकता

शुक्र व नपुंसकता के योग 

बरगद की कोपल, गूलर की छाल एक एक भाग,  शक्कर दो भाग मिलाकर चूर्ण बना लें 21 दिन तक एक 10 ग्राम दूध के साथ खाने से वीर्य गाढ़ा होता है बहुत ही सरल उपाय है,  बरगद के छाया सुखाये गए फलों का चूर्ण बना कर रख ले गाय के दूध के साथ दो चम्मच लेने से भी वीर्य पुष्ट होगा, 100 ग्राम विधारा की जड़ को एक किलो दूध में  पकाकर घी मिलाकर रख लें भोजन के बाद दो चम्मच लेने से वीर्य (शुक्र ) पुष्ट होगा, पके हुए केले को सुखाकर चूर्ण बना लें प्रतिदिन 2 चम्मच दूध के साथ लेने से भी लाभ होगा. 
सतावर,  सफ़ेद मूसली, असगंध, कौंच के बीज, गोखुरू और आवला बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें 1 चम्मच सुबह शाम खाने से धातु पुष्ट होंगी, तीन ग्राम दालचीनी का चूर्ण रात में सोते समय खाने से वीर्य वृद्धि होती है. 
काला  तिल,  सोंठ,  मिर्च,  गुड़ समान मात्रा में मिलाकर काढ़ा बनाकर पीने से शरीर में उष्णता बढ़ती है. 
काली मूसली का पाक बनाकर खाने से नपुंसकता मिटती है. ग्वार पाठे का गूदा तथा गेहूं का आटा बराबर मात्रा में ले लें फिर इसके दोगुने मात्रा में शक्कर मिलाकर हलुआ बनाकर खाने से 7 दिन में नपुंसकता दूर होती है और भी बहुत से सरल उपाय हैं बहुत पुराने  नुक्से हैं और जानकारी के लिए या कोई चीज ना मिल पाने पर संपर्क कर सकते हैं 

Comments